Welcome to Zee 20   Click to listen highlighted text! Welcome to Zee 20
Uncategorized

पीजीआई क्षेत्र के होटल राजधानी पैलेस में लगी आग, फायर एनओसी पर उठे गंभीर सवाल; सैकड़ों व्यावसायिक भवन जांच के दायरे में

राजधानी पैलेस ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं ,

अतुल तिवारी संवाददाता लखनऊ उत्तर प्रदेश

लखनऊ। राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित होटल राजधानी पैलेस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर शहर में व्यावसायिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के समय होटल में कई लोग मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। होटल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल किसी बड़ी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पीजीआई क्षेत्र में बड़ी संख्या में होटल, कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना वैध फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और निर्धारित सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि लखनऊ में पूर्व में हुए बड़े अग्निकांडों से सबक लेने के बजाय संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जिस भवन में होटल राजधानी पैलेस संचालित हो रहा है, उसकी छत पर मोबाइल टावर भी स्थापित है। इसके अलावा भवन के बेसमेंट में मेडिकल स्टोर सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी बहुमंजिला भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न हों, तो ऐसी स्थिति में आग लगने पर बचाव कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पीजीआई क्षेत्र के अनेक व्यावसायिक भवनों के नक्शों, निर्माण मानकों और फायर सुरक्षा संबंधी अनुमतियों की जांच किए जाने की आवश्यकता है। इस बीच एफएसओ पीजीआई माम चंद्र बडगूजर का एक कथित बयान भी सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि केवल होटल राजधानी पैलेस ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इस दावे की अभी संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों की पहुंच और प्रशासनिक उदासीनता के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हो पाती। उनका कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और कानून के अनुसार कार्रवाई होती, तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीजीआई क्षेत्र के सभी होटलों, व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, कॉम्प्लेक्स और अन्य प्रतिष्ठानों का व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन भवनों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है या जहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। फिलहाल होटल में आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी, भवन में फायर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!