कार्यभार संभालते ही एक्शन में आए डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुस्ताक, बोले— शिकायतों और अपराध पर लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
IGRS शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर

अतुल तिवारी संवाददाता लखनऊ उत्तर प्रदेश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के दक्षिणी जोन के नवनियुक्त डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने कार्यभार संभालते ही अपने सख्त तेवर दिखा दिए हैं। बुधवार को उन्होंने पहली बार दक्षिणी जोन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने वाचक, आईजीआरएस, साइबर सेल, मीडिया, गोपनीय, सर्विलांस और प्रधान लिपिक शाखा का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण, शिकायतों के त्वरित समाधान तथा कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया।
IGRS शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर
डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक फोकस आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण पर किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी शिकायतकर्ताओं से 100 प्रतिशत फीडबैक लिया जाए।रजिस्टरों की जांच के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों को तत्काल अपडेट किया जाए, ताकि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इनामी अपराधियों पर कसा शिकंजा
डीसीपी ने इनामी अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी गतिविधियों की रोजाना डे-टू-डे मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक इनामी अपराधी की वर्तमान स्थिति की नियमित समीक्षा कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने चार विशेष टीमें भी गठित कर दी हैं।उन्होंने दो टूक कहा कि अपराध नियंत्रण और जन शिकायतों के निस्तारण में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्ला पल्ली वसंत कुमार तथा एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
लखनऊ में पहली पोस्टिंग
गौरतलब है कि मोहम्मद मुस्ताक ने बुधवार को ही लखनऊ दक्षिणी जोन के डीसीपी का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह ललितपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात थे। लखनऊ में यह उनकी पहली तैनाती है।कार्यभार ग्रहण करते ही कार्यालय निरीक्षण, आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा और इनामी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देशों को दक्षिणी जोन की पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।



