नर्सरी के मासूम पर मॉनिटर छात्रा का कहर, 10 मिनट तक थप्पड़-घूंसे बरसाए,
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती, CCTV में कैद हुई वारदात,

अवधेश सिंह लखनऊ उत्तर प्रदेश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-6ए स्थित एएलएस अकादमी स्कूल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नर्सरी कक्षा में शिक्षिका की गैरमौजूदगी के दौरान मॉनिटर बनाई गई एक छात्रा ने अपने ही सहपाठी की बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि छात्रा ने करीब 10 मिनट तक पांच वर्षीय मासूम को थप्पड़ और घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा और जमीन पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को इलाज के लिए पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा। पूरी घटना कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके सामने आने के बाद हड़कंप मच गया।
शिक्षिका के बाहर जाते ही शुरू हुई मारपीट
पीड़ित बच्चे के पिता, तेलीबाग निवासी विजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका पांच वर्षीय बेटा मंगलवार सुबह रोज की तरह स्कूल गया था। पढ़ाई के दौरान नर्सरी कक्षा की शिक्षिका किसी काम से बाहर चली गईं और एक छात्रा को कक्षा का मॉनिटर बनाकर चली गईं।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका के बाहर जाते ही मॉनिटर छात्रा ने पहले कुछ अन्य बच्चों को पीटना शुरू किया और फिर उनके बेटे को निशाना बनाया। उसने बच्चे को लगातार कई थप्पड़ और घूंसे मारे, बाल पकड़कर घसीटा और जमीन पर पटक दिया।
भागने की कोशिश की तो दरवाजा बंद कर फिर पीटा
परिजनों के मुताबिक, मारपीट से बचने के लिए जब मासूम कक्षा से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा तो मॉनिटर छात्रा ने दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उसने दोबारा बच्चे की पिटाई शुरू कर दी। यह पूरी घटना करीब 10 मिनट तक चलती रही। इस दौरान बच्चे के चेहरे और कान पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
ट्रॉमा सेंटर में कराया गया भर्ती
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और घायल बच्चे को इलाज के लिए पीजीआई ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। बच्चे की चोटों को देखते हुए उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
CCTV फुटेज से खुली पूरी सच्चाई
बताया जा रहा है कि कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में मॉनिटर छात्रा को बच्चे के साथ मारपीट करते देखा गया है। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने स्कूल प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
स्कूल प्रशासन और शिक्षिका पर भी उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि इतनी छोटी कक्षा के बच्चों को शिक्षिका का अकेला छोड़कर जाना बड़ी लापरवाही है। उनका आरोप है कि यदि शिक्षिका कक्षा में मौजूद होतीं तो यह घटना नहीं होती। इसी आधार पर उन्होंने मारपीट करने वाली छात्रा के साथ-साथ स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षिका के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए पीजीआई थाने में तहरीर दी है।
स्कूल ने छात्रा को किया निष्कासित
मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वाली छात्रा को स्कूल से निष्कासित कर दिया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी शिक्षक या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीजीआई थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, स्कूल प्रशासन के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अभिभावकों का कहना है कि नर्सरी जैसे छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में बिना शिक्षक की निगरानी के नहीं छोड़ा जाना चाहिए।




