क्राइम

हाईटेंशन लाइन के नीचे संचालित अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल,

विद्या हॉस्पिटल कथित रूप से 44 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइनों के नीचे संचालित,

अतुल तिवारी संवाददाता लखनऊ

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आ रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं, जहां हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे अस्पताल संचालन किए जाने का मामला चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, मोहनलालगंज स्थित विद्या हॉस्पिटल कथित रूप से 11 हजार एवं 44 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइनों के नीचे संचालित हो रहा है। आरोप है कि अस्पताल के एक हिस्से के पास फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है, इसके बावजूद वहां चिकित्सा सेवाएं जारी हैं।फायर एनओसी को लेकर सवाल स्थानीय सूत्रों और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, अस्पताल की पूरी इमारत को लेकर फायर सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल के केवल उस हिस्से के लिए फायर एनओसी उपलब्ध है जो हाईटेंशन लाइन के सीधे नीचे नहीं आता, जबकि शेष हिस्से के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं है।क्षेत्रीय फायर अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच और अभिलेखों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर की संरचना और उसके ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर सवाल मामले में यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि अस्पताल भवन वास्तव में हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्मित है तो निर्माण की अनुमति किस प्रकार प्रदान की गई। इस संबंध में विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, नगर निगम तथा विद्युत विभाग की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों को संचालन की अनुमति निर्धारित मानकों और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के आधार पर दी जाती है। हालांकि भवन निर्माण, भूमि उपयोग, विद्युत सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े विषय संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।क्षेत्र में अन्य अस्पताल भी जांच के दायरे में सूत्रों के अनुसार, मोहनलालगंज क्षेत्र में कई निजी अस्पताल ऐसे हैं जिनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं और नियामकीय अनुपालन की समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से व्यापक जांच अभियान चलाने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।बड़ा सवाल लखनऊ में हालिया अग्निकांड के बाद भी यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और भवन मानकों का पूर्ण पालन होना आवश्यक है ताकि मरीजों और कर्मचारियों की जान जोखिम में न पड़े। फिलहाल संबंधित विभागों द्वारा मामले की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।

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